प्रदेश स्तर पर संगठन महामंत्री की रणनीति पर जोर
भोपाल। प्रदेश में भाजपा के संगठन महामंत्री की नियुक्ति की कवायद की सुगबुगाहट भोपाल और दिल्ली तक नजर आ रही है। हितानंद शर्मा की रवानगी के बाद यह पद कई महीनों से खाली पड़ा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस पद पर रह चुके एक संभागीय संगठन मंत्री की नियुक्ति की जा सकती है, जो सत्ता और संगठन के साथ समन्वय बनाकर चले।
ये वही संगठन मंत्री हैं, जो प्रदेश के एक महत्वपूर्ण संभाग में संभागीय संगठन मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं। पिछली बार जब संभागीय संगठन मंत्रियों की व्यवस्था समाप्त की थी, तब संगठन मंत्रियों को भाजपा ने उपकृत कर निगम-मंडल की जवाबदारी दे दी थी, लेकिन उक्त संगठन मंत्री ने किसी प्रकार का पद नहीं लिया और संगठन के कार्य में लगे रहे। इसलिए माना जा रहा है कि उनका नाम प्रबल तौर पर भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री के रूप में सामने आ सकता है। फिलहाल भोपाल और दिल्ली में संगठन महामंत्री के नियुक्ति की कवायद शुरू हो गई है। सूत्रों की माने तो मार्च के अंत या अप्रैल माह में संगठन मंत्री की नियुक्ति हो सकती है। वैसे राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में लंबे समय से प्रदेश संगठन महामंत्री का पद खाली पड़ा हुआ है। यहां अभी तक किसी की नियुक्ति नहीं कर भाजपा और संघ यह देखना चाहते थे कि बिना प्रदेश संगठन महामंत्री के किस प्रकार संगठन चलाया जा सकता है। मध्यप्रदेश को भी इसी प्रयोग का हिस्सा माना जा रहा था, लेकिन अब भोपाल से जो बातें निकलकर सामने आ रही हैं, उससे लग रहा है कि यह प्रयोग मध्यप्रदेश में नहीं होगा। यूं भी संघ अब अपनी नई भौगोलिक रचना बनाना चाह रहा है, जो एक साल में पूरी हो जाएगी और मार्च 2027 से इसे लागू कर दिया जाएगा।

प्रतिशोध की आग: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हमले तेज
मामूली झगड़ा बना मौत का कारण, बेटे ने पिता को पीटा
“लाहौर में कंपनी खोल लो”—धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान से Lenskart पर बवाल तेज
आपत्तिजनक आचरण पर सख्त संदेश, अनुशासनहीनता पर कार्रवाई तय