ड्यूटी निभाते समय जवान की तबीयत बिगड़ी, नहीं बच सकी जान
कोटपूतली-बहरोड़। जिले के हरसौरा थाना क्षेत्र स्थित दामोदर का बास गांव के निवासी नायक गोवर्धन गुर्जर का सोमवार को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार की दोपहर करीब 3:30 बजे उनका पार्थिव शरीर हमीरपुर पहुंचा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ करीब 6 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। हर आंख नम थी और हर जुबान पर “भारत माता की जय” और “गोवर्धन गुर्जर अमर रहें” के नारे गूंज रहे थे। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़े बेटे अंकित ने मुखाग्नि दी।
मात्र 38 वर्ष के थे गोवर्धन
गोवर्धन गुर्जर साल 2008 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में 2 गार्ड्स बटालियन हिसार में तैनात थे। सिर्फ 38 वर्ष की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि वह एक महीने की सामान्य छुट्टी बिताकर शनिवार को ही ड्यूटी पर लौटे थे, लेकिन ड्यूटी पर लौटने के महज तीन दिन बाद ही उनका असामयिक निधन हो गया, जिससे परिवार और गांव के लोग स्तब्ध हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पार्थिव शरीर को देखकर पत्नी कला देवी बेसुध हो गईं। बेटी मोना का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार "पापा" पुकार रही थी और कह रही थी, “आप ऐसे वापस आएंगे।” इसी प्रकार मां अणची देवी भी अपने बेटे के वियोग में बार-बार विलाप करती रहीं। वह कहती रहीं, “मेरा लाल मुझे छोड़कर कहां चला गया।”

सजगता का मिला फल: भोपाल डीआरएम ने 6 रेल कर्मचारियों को उत्कृष्ट संरक्षा कार्य हेतु किया पुरस्कृत।
सावधान रायपुर! नशे में स्टयरिंग थामने वालों को पुलिस ने सीधे पहुंचाया थाने।
राजधानी में 'SIT' की मांग: गांधी नगर मामले में पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की चेतावनी।
हक और सम्मान की लड़ाई: कांग्रेस ने कहा— "जब तक हक नहीं मिलता, जारी रहेगा संघर्ष"