लोकसभा में मर्यादा की बहस: पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर राजनाथ सिंह ने जताई आपत्ति
नई दिल्ली: लोकसभा में शुक्रवार को उस समय स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘बालाकोट, नोटबंदी और ऑपरेशन सिंदूर का जादूगर’ करार दिया। इस टिप्पणी के बाद सदन में जबरदस्त शोर-शराबा शुरू हो गया और भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया।
राहुल गांधी महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधनों और परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर चल रही चर्चा में भाग ले रहे थे। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम उसकी बेचैनी को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, सत्तापक्ष को पहले से इस बात का आभास था कि ये विधेयक सुगमता से पारित नहीं होंगे, क्योंकि विपक्ष की अपनी आपत्तियां हैं। अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि इन निर्णयों के पीछे दो मुख्य उद्देश्य हैं—पहला, चुनावी क्षेत्रों को अपने लाभ के अनुसार पुनर्गठित करना और दूसरा, प्रधानमंत्री की छवि को महिला हितैषी नेता के रूप में स्थापित करना।
इसी दौरान उन्होंने हमलावर लहजे में कहा कि ‘जादूगर अब बेनकाब हो चुका है’ और बालाकोट एयर स्ट्राइक, नोटबंदी तथा ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी के इस वक्तव्य पर भाजपा ने तत्काल पलटवार किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे प्रधानमंत्री के प्रति अभद्र भाषा बताया। रिजिजू ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री के लिए ऐसी अनर्गल बयानबाजी करके वे क्या जताना चाहते हैं? उन्होंने जोर देकर कहा कि नेता प्रतिपक्ष को इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती। रिजिजू ने आगे कहा कि ऐसी टिप्पणियां न केवल प्रधानमंत्री का निरादर हैं, बल्कि सैन्य अभियानों का नाम लेकर सुरक्षा बलों का भी अपमान किया गया है।

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