यार ना मिले से 'जाइए सजना' तक: जैस्मीन सैंडलस के सिंगिंग करियर और निजी जिंदगी का संघर्ष।
जैस्मीन सैंडलस ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में अपनी जिंदगी के उन कठिन दौर का जिक्र किया, जिनसे वे अकेले ही लड़ती रहीं। उन्होंने बताया कि उनका शुरुआती सफर काफी मुश्किल भरा था और कई बार उन्हें जीवन के सबक खुद ही सीखने पड़े। जैस्मीन ने सवाल उठाया कि अक्सर माता-पिता बच्चों के साथ इतने सख्त क्यों होते हैं, जबकि बच्चों को उस समय प्यार और सही मार्गदर्शन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
शराब की लत और अफसोस गायिका ने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा था जब वे सफलता के शिखर पर थीं, लेकिन आंतरिक रूप से काफी परेशान थीं। उन्होंने कहा, ‘उस दौर में परिवार की समस्याएं और पिता का निधन एक साथ हुआ। उस समय मैंने बहुत अधिक शराब पीना शुरू कर दिया था। हालांकि मुझे अपने उन फैसलों का अफसोस है, लेकिन उस वक्त वह सहारा मुझे जरूरी लगता था।’
अपनों से मिली नाराजगी जैस्मीन ने बचपन की यादों को साझा करते हुए बताया कि उनके माता-पिता ने अनजाने में कई बार उनका दिल दुखाया, जिसे वे आज तक नहीं भूल पाई हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब एक बच्चे का दिल टूटता है, तो वह बिखर जाता है। पूरी जिंदगी वे बस एक ऐसी जगह या घर ढूंढती रहीं जहाँ उन्हें अपनापन महसूस हो सके।
करियर की एक झलक जलंधर में जन्मी और कैलिफोर्निया में पली-बढ़ी जैस्मीन ने 2008 में 'मुस्कान' गाने से करियर की शुरुआत की थी। 2014 में सलमान खान की फिल्म 'किक' के गाने 'यार ना मिले' ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया था।

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