अस्पताल में अव्यवस्था का आरोप, डीन ने मांगा जवाब
इंदौर|देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले इंदौर की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. दरअसल बीते दिनों में मध्य प्रदेश के सबसे बड़े इंदौर स्थित सरकारी अस्पताल एमवाय के सामने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है| इस वीडियो में दो महिलाएं एक मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर सड़क पार कर रही हैं. यह वीडियो सरकारी अस्पताल एमवाय के बाहर का बताया जा रहा है| इतना ही नहीं अस्पताल की दीवारों, टाइल्स में फफूंद, गंदगी व अन्य अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए डीन ने कड़ा रुख अपनाया है|
डीन ने कारण बताओ नोटिस किया जारी
इस सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए डीन ने अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव और भवन अधिकारी जितेंद्र रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है| इसके साथ ही सुपरविजन और अस्पताल का मेंटेनेंस करने वाले भारत विकास ग्रुप पर डीन ने 25 हजार रुपये का फाइन भी लगाया है| ये पूरा मामला वायरल हो रहे उस वीडियो से शुरू हुआ. दरअसल वायरल हो रहे वीडियो में शासकीय डेंटल कॉलेज के सामने से गुजरते हुए महिलाएं एमवाय अस्पताल के मुख्य गेट तक पहुंचती हैं| लेकिन गेट बंद होने के कारण उन्हें अगले गेट की ओर स्ट्रेचर धकेलना पड़ता है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाएं सवाल
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाना शुरु कर दिया. लोगों का कहना है कि यदि स्ट्रेचर सरकारी अस्पताल का है तो वह सड़क पर कैसे पहुंचा, और आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां रहीं कि परिजनों को मरीज को खुद स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा. ये वीडियो अस्पतालों की आपातकालीन सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर रहा हैं. इसे लेकर डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कड़े कदम उठाएं हैं|

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