इतिहास की किताबों पर उठा विवाद, समीक्षा तक पढ़ाई पर रोक
बीकानेर। राजस्थान शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। बीकानेर स्थित शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी ताजा आदेशों के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की सिफारिश पर कक्षा 9 से 12 तक की इतिहास और संस्कृति से जुड़ी चार प्रमुख पुस्तकों को पाठ्यक्रम से पूरी तरह हटा दिया गया है।
हटाए गए पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है:
हटाई गई प्रमुख पुस्तकें
सरकार के इस फैसले के बाद अब इन विषयों का अध्ययन विद्यालयों में नहीं कराया जाएगा:
कक्षा 9: राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन एवं शौर्य परंपरा/धरोहर।
कक्षा 10: राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति।
कक्षा 11: आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत (भाग-1)।
कक्षा 12: आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत (भाग-2)।
मुख्य निर्देश और क्रियान्वयन
वितरण पर रोक: शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी सत्र से इन पुस्तकों का निशुल्क वितरण नहीं होगा।
सख्ती से पालना: माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी सरकारी या निजी स्कूल में इन पुस्तकों को न पढ़ाया जाए।
निर्णय का आधार: यह बदलाव माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 11 अप्रैल की सिफारिशों और राज्य सरकार की मंजूरी के बाद लिया गया है।
पाठ्यक्रम निर्धारण प्रक्रिया
राजस्थान में शैक्षिक ढांचे के तहत कक्षा 1 से 8 तक का सिलेबस SIERT उदयपुर तैयार करता है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की होती है। इन्ही संस्थाओं के परामर्श पर पाठ्यपुस्तक मंडल जयपुर किताबों की छपाई और वितरण का कार्य करता है।

10वीं-12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को द्वितीय अवसर परीक्षा का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
2029 का सपना टूटा: आरक्षण बिल गिरने पर बोले मोदी- महिलाओं की 'नई उड़ान' में विपक्ष बना बाधा
खड़गपुर-कमरहाटी में डॉ. मोहन यादव का घर-घर संपर्क, भाजपा के लिए मांगे वोट
संसद में आरक्षण बिल गिरने के बाद राहुल गांधी का प्रहार- 'महिलाओं के पीछे छिपकर खेल रही थी भाजपा'।
प्रदूषण और अवैध कारोबार पर प्रहार: रिफाइनरी पर कार्रवाई से मचा हड़कंप, दो लोगों पर केस दर्ज।