वोटों के गणित में उलझा महिला आरक्षण, राजस्थान की सियासत में उबाल
जयपुर। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (131वां संशोधन) को पर्याप्त समर्थन न मिलने पर राजस्थान में सियासी घमासान तेज हो गया है। जयपुर में भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया, वहीं कांग्रेस ने केंद्र की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा की 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा'
जयपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' निकाली, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने हरी झंडी दिखाई। पदयात्रा जब शहीद स्मारक की ओर बढ़ी, तो पुलिस ने कमिश्नरेट के पास बैरिकेडिंग लगाकर इसे रोक दिया। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की तुलना 'रावण' से करते हुए इसे महिला विरोधी बताया।
मुख्यमंत्री और विपक्ष के बीच वार-पलटवार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विपक्ष ने बिल को रोककर ऐतिहासिक दिन को 'काला पन्ना' बना दिया है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने भी अधिकार छीनने वालों को जनता के बीच न जाने की नसीहत दी। दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि 2023 में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने इसे सरकार की वादाखिलाफी करार दिया।
क्यों अटका विधेयक?
लोकसभा में बिल पारित कराने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट ही पड़े। इस विधेयक में लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान था।

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